फैजाबाद। अयोध्या में आज गुरु पूर्णिमा की धूम देखी जा रही है, लेकिन गुरु पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण का प्रभाव भी देखा जा रहा है। आज गुरु पूर्णिमा में भक्त अपने गुरु और अराध्य की पूजा अर्चना दोपहर 4 बजे तक ही कर सकते है। भगवान का दर्शन भी महज 4 बजे शाम तक भक्त कर पाएंगे। राम जन्म स्थान श्री राम लला का दर्शन आज सिर्फ पहली पहर सुबह 11 बजे तक ही होगा। उसके बाद दोपहर 12 बजे भगवान् के पट चन्द्र ग्रहण के सुटक के प्रभाव को देखते हुए बंद कर दिए जायेगे। हनुमानगढ़ी में 4 बज कर 30 मिनट तक ही दर्शन पूजन होगा। उसके बाद कपाट बंद कर दिए जायेंगे। उसी तरह सभी मंदिरों में भगवान का दर्शन 4 बजे के बाद 12 घंटो के लिए रुक जायेगा। गुरु पूर्णिमा होने के चलते सुबह से ही पवित्र सरयू नदी में श्रद्धालु स्नान कर अपने गुरु और अराध्य की पूजा अर्चना कर रहे है। अधिकांस मंदिरों में कल गुरुपूर्णिमा का भोजन प्रसाद वितरित होगा।

आज गुरु पूर्णिमा है और चन्द्र ग्रहण भी है। चन्द्र ग्रहण आज रात्रि 1 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा जो रात्रि के ही 2 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगा। मोक्ष्य काल भोर के वक्त 4 बजकर 30 मिनट पर सुबह समाप्त होगा। उसके बाद ही भक्त अपने अराध्य भगवान का दर्शन कर सकता है। चन्द्र ग्रहण में ९ घंटे पहले सुटक लगने से मंदिरों में भगवान के कपाट बंद कर दिए जाते है। आज गुरु पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण का प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है। आज भक्त अपने गुरु और अराध्य की पूजा अर्चना दोपहर 12 बजे तक ही कर सकता है। लेकिन कुछ आचार्यों का कहना है कि दोपहर 4 बजे तक दर्शन व पूजन किया जा सकता है। श्री राम की जन्म स्थली श्री रामलला के कपाट आज दोपहर 12 बजे ही बंद हो जायेंगे। आज श्री राम लला का दर्शन सुबह 11 बजे तक ही होगा। वहीं सिद्ध स्थल हनुमानगढ़ी में भी दोपहर 4 बजे तक ही दर्शन पूजन होगा। उसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जायेंगे। 12 घंटे बाद बुधवार की सुबह ही भक्त अपने अराध्य के दर्शन कर पाएंगे।

वहीं आज भक्त अपने अराध्य का दर्शन पूजन सुबह से ही कर रहे है। पवित्र सरयू नदी में भोर से ही श्रद्धालु स्नान कर रहे है, स्नान के बाद अपने अराध्य भगवान व गुरु का पूजन कर रहे है। श्री रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेन्द्र दास के मंदिर में सुबह से ही भक्त गुरु पूर्णिमा मानाने पहुचे है। भक्त अपने गुरु का सम्मान व पूजन कर रहे है। क्योंकि आज दोपहर के वक्त तक ही गुरुपूर्णिमा मनाई जा सकती है।