वाराणसी। मां गंगा के तट पर बसी काशी नगरी में आज गंगा दशहरा का त्यौहार बेहद ही धूमधाम से मनाया जा रहा है । कहा जाता है कि आज मां गंगा का अवतरण हुआ था जिसे लेकर काशीवासी मां गंगा की विधि विधान से पूजा अर्चन करते हैं । वाराणसी के अहिल्याबाई घाट पर बटुकों ने गंगा का पूजन अर्चन कर राष्ट्र की सुरक्षा और शांति की कामना की ।

आचार्य पवन शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों और पुराणों में आज के ही दिन गंगा दशहरा, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को पृथ्वी पर माँ गंगा का अवतरण हुआ था। इसलिए आज के पावन दिन को गंगा दशहरा के नाम से मनाने की परम्परा चली आ रही है। मां गंगा की पूजन के दौरान दौरान पूरा वातावरण हरहर गंगे के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। मान्यता है कि आज ही दिन भागीरत ने अपने पूर्वजो को तारने के लिए अपने कठिन तप से माँ गंगा को धराधाम पर बुलाया था। आज के पावन अवसर पर गंगा में मात्र स्नान, पूजन, आचमन और दान से दस प्रकार के मन-क्रम-वचन से सम्बंधित पाप कट जाते हैं। जिसे लेकर हम सभी बटुकों के साथ मां गंगा में जलाभिषेक और दूध अभिषेक कर राष्ट्र की शांति के लिए मां गंगा से प्रार्थना किया ।