वाराणसी। गंगा दशहरा के अगले दिन निर्जला एकादशी के पर्व पर आज एक बार फिर वाराणसी के गंगा घाटों पर आस्था का जन सैलाब उमड़ा। इस मौके पर वाराणसी के आस-पास के क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं ने सूर्य उदय के साथ ही गंगा स्नान शुरू किया। गंगा स्नान के बाद के बाद श्रदलुओं ने घाट के किनारे पूजा की व दान पुण्य भी किया। निर्जला एकादशी के व्रत का अपना खास महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत के युद्ध समय भगवान कृष्ण के बताने पर युधिष्ठिर ने यह व्रत किया था और युद्ध विजय पायी थी। निर्जला एकादशी पर खास तौर पर महिला श्रद्धालु निर्जल व्रत रखती हैं और गंगा स्नान करती हैं। गंगा स्नान के बाद मौसम के नए फल और गर्मी से राहत दिलाने जैसे कि मिटटी का घड़ा, पंखा आदि दान दिया जाता है। मान्यता है कि निर्जला एकादशी पर गंगा स्नान और दान पुण्य करने से घर में सुख समृद्धि आती है और पति और पुत्र की आयु वृद्धि होती है।