वाराणसी। रमजान का पाक महीना चल रहा है,ऐसे में बाजार में रोजेदारो और खरीददारों की होने वाली भीड़ के कारण देश की सांस्कृतिक नगरी काशी के बाजारों की चकाचौंध भी बढ़ गयी है। वैसे तो रोजेदारों द्वारा अपने जरूरत के सामान को खरीदने के लिए दुकानों आदि जगहों पर खासा भीड़ हो रही है, लेकिन बाजार में आयी एक इंच की क़ुरान लोगों के ख़ास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसे रोजेदार न सिर्फ खरीद रहें हैं बल्कि अपने मित्रों व रिश्तेदारों आदि को भेट भी कर रहें हैं।

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क्या कहते है दुकानदार

शहर के बीचो बीच स्थित दालमंडी बाजार में इस एक इंच की क़ुरान को रोजेदारों को बेंच रहे दुकानदार रेयाज अहमद बताते हैं कि माहे रमजान में इबादतों का दौर जारी है और इसे देखते हुए बाजार में आयी इस एक इंच की क़ुरान का रोजेदारों के लिए ख़ासा महत्त्व बढ़ गया है। हालांकि इस एक इंच की क़ुरान को लोग सामन्यतया देख व पढ़ नहीं सकेंगे क्योकि इसे पढने के लिए लेंस की जरुरत पड़ेगी। लेकिन फिर भी इसे लोग अपने पास रखने के लिए रखते हैं क्योकि इसे अपने पास रखने से रोजेदारों का मानना है कि वो बुरे चीजों से दूर रहेंगे। इसीलिए इसे ‘ताबीजे क़ुरान’का भी नाम दिया गया है क्योकि कुछ लोग इसे ताबीज की तरह अपने गले में भी पहन रहें हैं। इसे खासतौर पर मुंबई से मंगाया गया है और इसकी कीमत सिर्फ 15 रुपये हैं।

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क्या कहते हैं खरीददार

बाजार में आकर्षण का केंद्र बने इस एक इंच के क़ुरान को खरीदते हुए जावेद कहते हैं कि इस पाक माह में रोजा, नमाज, तरावीह के साथ ही रोजेदार ख़ास क़ुरान का पाठ भी करते हैं। ऐसे में भले ही अगर क़ुरान न भी पढ़ सके तो उसके पास होने से भी अल्लाह अपनी रहमत बनाये रखते है। इसलिए इस क़ुरान का खास महत्त्व है। ख़ास बात ये भी है कि इसे हाथों में लेकर भी ले जाने की जरुरत नही है ताबीज की तरह गले में पहन भी सकते है तो इस कारण से भी काफी सहूलियत मिलती है।