वाराणसी। ज्येष्ठ मास आँखो ही आँखो में बीतने को है लेकिन बदरा बरसने के लिए तैयार नहीं दिख रहे है लिहाजा लोगो का चिंता होना लाजिमी है। इसी चिंता के समाधान के लिए शिव की नगरी काशी में गंगा की धार में शहनाई बजाकर सूर्य देव को अपनी ताप काम करने और इंद्र देव को बरसने के लिए पूजा और वादन का सहारा लेते हुए भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ ही राग मल्हार बजाया।

भले ही सुबह का मौसम कुछ राहत भरा हो लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आसमान से आग वरसना शुरू हो जा रहा है काशी में मौसम की बेरुखी का आलम है कि लोंग भगवान भाष्कर के ताप बुरी तरह से परेशान है राहत के तमाम उपाय बेइमानी सावित हो रहे है ,सभी को इन्तजार है तो बस बारिस का जिसके आसार दिख नहीं रहे है लिहाजा बरसात के लिए अब लोग भगवान के शरण में जा पहुंचे है,लेकिन शायद बारिस के देवता इंद्र तक यह मुनुहार पहुच ही नहीं रहे हैं।